12 दिसंबर 2022 - 18:05
ईरान ने हमेशा अपनी कूटनीति में पड़ोसी, क्षेत्रीय और एशियाई देशों को प्राथमिकता दी हैः अब्दुल्लाहियान

ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने आर्थिक सहयोग संगठन (ईको) के विस्तार की 30वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान की नज़र में इस संगठन का महत्वपूर्ण स्थान है और यही कारण है कि तेहरान ने हर मौक़े पर ईको के सदस्यों के साथ सहयोग के विस्तार बल दिया है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, रविवार को आर्थिक सहयोग संगठन (ईको)) के विस्तार की 30वीं वर्षगांठ का स्मृति समारोह तेहरान में स्थित सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ में आयोजित किया गया, जिसमें ईको संगठन के महासचिव और ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान के अलावा अन्य देशों के राजदूतों और अधिकारियों ने भाग लिया। इस मौक़े पर ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान ने एशियाई देशों के साथ आर्थिक सहयोग मज़बूत करने पर हमेशा काफ़ी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी कूटनीति की प्राथमिकताओं में से एक पड़ोसी देशों के साथ-साथ क्षेत्रीय और एशियाई देशों के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि ईको जैसी बहुराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संस्थाएं इस नीति को लागू करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि सौभाग्य से, प्रत्येक ईको सदस्य देश आर्थिक सहयोग को मज़बूत करने में अपनी भूमिका से अवगत है। उन्होंने कहा कि तेहरान ने संगठन के ढांचे के तहत सहयोग का विस्तार करने के लिए हर अवसर का उपयोग किया है। ग़ौरतलब है कि वर्ष 1985 में, ईरान, पाकिस्तान और तुर्की ने ईको का गठन किया और इस संगठन का मुख्यालय तेहरान में स्थापित किया गया। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को मज़बूत करना है। वर्ष 1992 में पूर्व सोवियत संघ के पतन के बाद, अफ़ग़ानिस्तान, आज़रबाइजान, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज़्बेकिस्तान को इस संगठन से जोड़ा गया था। (RZ)


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